माइक्रोसॉफ्ट ने स्टार्टअप कार्बनकैप्चर के साथ एक नया खरीद समझौता किया है। यह स्टार्टअप वातावरण से कार्बन डाइऑक्साइड को हटाने की दिशा में काम कर रहा है। और इसके साथ ही माइक्रोसॉफ्ट अपने कार्बन उत्सर्जन को भूमिगत रूप से कैप्चर करके संग्रहीत करने के लिए पूरी तरह तैयार है।
माइक्रोसॉफ्ट हमेशा से वायुमंडल से कार्बन उत्सर्जन को कम करने के उद्देश्य से उभरती प्रौद्योगिकियों का समर्थक रहा है। यही कारण है कि कंपनी ने लॉस एंजिल्स स्थित स्टार्टअप कार्बनकैप्चर से कार्बन रिमूवल क्रेडिट खरीदने पर सहमति जताई है । कार्बनकैप्चर का व्योमिंग में एक विशाल डीएसी (डायरेक्ट एयर कैप्चर) संयंत्र है।
इस समझौते का नाम प्रोजेक्ट बाइसन है और अनुमान है कि इसकी सुविधा 2024 के उत्तरार्ध में शुरू हो जाएगी। अपनी मॉड्यूलर तकनीक के साथ, यह स्टार्टअप आसपास की हवा से कार्बन डाइऑक्साइड खींचता है और इसे भूमिगत रूप से संग्रहित करता है।
इस तरह यह ग्रीनहाउस गैसों को जलवायु परिवर्तन में और अधिक योगदान देने से रोक रहा है। 2030 तक कार्बन नेगेटिव बनने के लक्ष्य के साथ , माइक्रोसॉफ्ट का उद्देश्य कंपनी की स्थापना के बाद से हुए अपने ऐतिहासिक उत्सर्जन के बराबर कार्बन उत्सर्जन को कम करना भी है।
माइक्रोसॉफ्ट के कार्बन रिमूवल पोर्टफोलियो निदेशक फिलिप गुडमैन ने एक घोषणा में कहा, "कार्बनकैप्चर के साथ यह समझौता हमें अपने कार्बन नेगेटिव लक्ष्य की ओर बढ़ने में मदद करता है, साथ ही साथ डायरेक्ट एयर कैप्चर उद्योग के समग्र विकास को गति देने में भी सहायक है।"
कार्बनकैप्चर के साथ इस नए समझौते के तहत, यह तकनीकी दिग्गज कंपनी अपने कुल कार्बन उत्सर्जन का एक छोटा हिस्सा कैप्चर कर सकेगी । स्टार्टअप को उम्मीद है कि अगले साल व्योमिंग में अपने पहले मॉड्यूल को सफलतापूर्वक स्थापित करने के बाद वह सालाना लगभग 10,000 मीट्रिक टन CO2 कैप्चर और स्टोर कर पाएगी।
मॉड्यूल एक दूसरे के ऊपर रखे वेंटेड शिपिंग कंटेनर की तरह दिखते हैं। उपकरण से गुजरने वाली लगभग 75% हवा को फ़िल्टर किया जाता है। इस प्रकार कार्बन डाइऑक्साइड की केंद्रित धाराओं को लगभग 12,000 फीट भूमिगत खारे जलभृतों में पाइप करने की आवश्यकता पैदा हुई।

कार्बनकैप्चर के सीईओ और सीटीओ एड्रियन कोरलेस ने कहा, “यह हमारे लिए बहुत बड़ी बात है। माइक्रोसॉफ्ट के साथ हुआ यह खरीद समझौता, स्टार्टअप द्वारा अन्य छोटे ग्राहकों के साथ किए गए सभी सौदों के कुल योग से भी बड़ा है। यह हमारे व्यवसाय के लिए एक महत्वपूर्ण और निर्णायक कदम है।”
माइक्रोसॉफ्ट के अनुसार, उनकी पहली प्राथमिकता अपने द्वारा उत्पन्न प्रदूषण को कम करना है । इस तरह वे वायुमंडल से उत्सर्जित होने वाली CO2 की मात्रा को न्यूनतम कर सकेंगे। लेकिन इस प्रयास में लगातार कई वर्षों की विफलता के कारण, कंपनी द्वारा ग्रीनहाउस गैसों का उत्सर्जन 2021 में फिर से बढ़ने लगा, जैसा कि हालिया स्थिरता रिपोर्ट में बताया गया है।
इस दर से, माइक्रोसॉफ्ट 2021 में लगभग 14 मिलियन मीट्रिक टन कार्बन उत्सर्जन के लिए जिम्मेदार है । यह एक वर्ष में 35 गैस-चालित बिजली संयंत्रों से होने वाले उत्सर्जन के बराबर है।
दोनों कंपनियों ने अभी तक सार्वजनिक रूप से इस बारे में कुछ विवरण नहीं बताए हैं कि माइक्रोसॉफ्ट कब और कितना CO2 हटाना चाहता है, या इसकी लागत कितनी होगी। इस सौदे के अलावा, माइक्रोसॉफ्ट ने स्विस कंपनी क्लाइमवर्क्स से अज्ञात राशि के लिए कार्बन रिमूवल क्रेडिट भी खरीदा है। इसके साथ ही माइक्रोसॉफ्ट अपने कार्बन उत्सर्जन को भूमिगत रूप से पकड़ने और संग्रहीत करने के लिए पूरी तरह तैयार है।
डलास स्थित स्टार्टअप फ्रंटियर कार्बन सॉल्यूशंस भी कार्बनकैप्चर के साथ साझेदारी कर रहा है ताकि CO2 को स्थायी रूप से परिसर में ही संग्रहित किया जा सके। कार्बन रिमूवल क्रेडिट्स के ऐसे खरीद समझौतों के तहत, कार्बनकैप्चर की योजना स्वीटवाटर कंट्री स्थित अपने व्योमिंग संयंत्र में 2030 तक प्रति वर्ष 5 मिलियन मीट्रिक टन CO2 को हटाने की है।
स्रोत: बिजनेस वायर



