ऊर्जा और पर्यावरण डिजाइन में नेतृत्व (LEED) रेटिंग प्रणाली को विभिन्न अंतरराष्ट्रीय संगठनों द्वारा स्थिरता और आधुनिकता के मानक के रूप में मान्यता दी गई है । इसका उद्देश्य एक सकारात्मक भविष्य का निर्माण करना है। यह रेटिंग प्रणाली पूर्वापेक्षाओं और क्रेडिट दोनों से मिलकर बनी है, जिनमें पूर्वापेक्षाएं अनिवार्य और क्रेडिट वैकल्पिक हैं, जो किसी परियोजना के पर्यावरणीय प्रदर्शन को निर्धारित करती हैं। इन आवश्यकताओं को टिकाऊ स्थल, जल दक्षता, ऊर्जा और वातावरण, सामग्री और संसाधन, आंतरिक पर्यावरणीय गुणवत्ता और नवाचार जैसी श्रेणियों में विभाजित किया गया है। LEED रेटिंग प्रणाली बहुमुखी है और इसे विभिन्न प्रकार की भवन परियोजनाओं के अनुरूप ढाला जा सकता है।
LEED रेटिंग प्रणाली के क्या लाभ हैं?
इस रेटिंग प्रणाली के लाभ इस प्रकार हैं-
1. यह रेटिंग प्रणाली किसी भवन में स्थायी परिवर्तन करने के लिए एक मार्गदर्शक प्रदान करती है । प्रमाणित भवन कम ऊर्जा और पानी की खपत करते हैं, कम अपशिष्ट उत्पन्न करते हैं और कम ग्रीनहाउस गैसों का उत्सर्जन करते हैं।
2. इस रेटिंग प्रणाली के लिए आवश्यक आंतरिक वायु गुणवत्ता मानक सख्त हैं, जो श्वसन संबंधी बीमारियों और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं के जोखिम को कम करने में सहायक हैं । यह आंतरिक वायु गुणवत्ता में सुधार करता है। इसके अलावा, डिज़ाइन में प्राकृतिक प्रकाश और दृश्यों को शामिल किया गया है, जो उत्पादकता और स्वास्थ्य को बेहतर बना सकते हैं।
3. शोध से पता चला है कि LEED प्रमाणित इमारतें गैर-प्रमाणित इमारतों की तुलना में अधिक किराया और बिक्री मूल्य प्राप्त कर सकती हैं । यह प्रमाणन किसी कंपनी के ब्रांड और प्रतिष्ठा को भी बढ़ा सकता है, विशेष रूप से पर्यावरण के प्रति जागरूक उपभोक्ताओं और निवेशकों के बीच। जैसे-जैसे टिकाऊ भवन निर्माण पद्धतियों को बढ़ावा मिल रहा है, लीडरशिप इन एनर्जी एंड एनवायरनमेंटल डिज़ाइन (LEED) प्रमाणन का महत्व और भी अधिक बढ़ने की संभावना है।
4. मौजूदा इमारतों में भी हरित उन्नयन और सुधार लागू करके LEED रेटिंग प्रणाली का प्रमाणन प्राप्त किया जा सकता है । लीडरशिप इन एनर्जी एंड एनवायरनमेंटल डिज़ाइन (LEED) रेटिंग प्रणाली की अवधारणा निर्माण परियोजनाओं के क्षेत्र में नई नहीं है, यह आधुनिक युग में अत्यंत उपयोगी साबित हुई है।
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